June 28, 2026

भारत नारकोटिक ड्रग्स आयोग के 68वें सत्र की अध्यक्षता करेगा | India to Chair 68th Session of UN Commission on Narcotic Drug

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भारत पहली बार करेगा UNCND की अध्यक्षता ( India to Chair 68th Session of UN Commission on Narcotic Drug )

  • भारत को 68वें सत्र के लिए  संयुक्‍त राष्‍ट्र नारकोटिक ड्रग्स आयोग UN Commission on Narcotic Drugs (CND) की अध्यक्षता के लिए चुना गया है।
  • ऑस्ट्रिया स्थित भरातीय दूतावास ने इसकी जानकारी दी।
  • अध्यक्ष:  संयुक्त राष्ट्र (विएना) में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, शंभु कुमारन ने आधिकारिक तौर पर यह पदभार संभाला।
  • CND : ड्रग्स से संबंधित नीतियां बनाने वाली UN की प्रमुख संस्था।
  • यह पहली बार है जब भारत को CND की अध्यक्षता मिली है।

संयुक्‍त राष्‍ट्र नारकोटिक ड्रग्स आयोग UN Commission on Narcotic Drugs (CND) के विषय में – 

  • संयुक्त राष्ट्र की नशीली दवाओं से संबंधित मामलों पर प्रमुख नीति-निर्माण निकाय के रूप में नारकोटिक ड्रग्स आयोग काम करता  है।
  • संयुक्‍त राष्‍ट्र नारकोटिक ड्रग्स आयोग का काम ड्रग व्यापार की निगरानी करना और इसके लिए नीतियां बनाने में देशों का सपोर्ट करना है।
  • प्रमुख इंटरनेशनल ड्रग ट्रेंड्स के कन्वेंशन को ऑर्गनाइज करने का कार्य भी नारकोटिक ड्रग्स आयोग  करता है।
  • UN Commission on Narcotic Drugs (CND),  यूनाइटेड नेशन्स इकोनॉमिक एंड सोशल काउंसिल (ECOSOC) के आयोगों में से एक है।
  • यह यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) का एक शासी निकाय है।
  • नारकोटिक ड्रग्स आयोग का मुख्यालय ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में है।

 

अन्य तथ्य

वर्ल्ड ड्रग रिपोर्ट 2024

  • जून 2024 में यूनाइटेड नेशन्स इकोनॉमिक एंड सोशल काउंसिल (ECOSOC) द्वारा जारी की गयी थी ।
  • रिपोर्ट के अनुसार पिछले दशक की तुलना की जाए  तो मादक पदार्थो के सेवन करने की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गे है।
  • साल 2022 में दुनिया भर में मादक पदार्थों के उपयोग करने वालों की संख्या 292 मिलियन तक पहुंच गई है, जो पिछले दशक की तुलना में 20% की वृद्धि दर्शाती है।
  • 228 मिलियन उपयोग करने वालों में कैनबिस सबसे लोकप्रिय मादक पदार्थ है, इसके बाद ओपिओइड्स, एम्फेटामाइन्स, कोकेन और एक्स्टसी का स्थान है।
  • मादक पदार्थों के उपयोग से संबंधित विकारों से पीड़ित 64 मिलियन लोगों में से केवल 11 में से एक को ही उपचार मिल पाता है।
  • वहीं, मादक पदार्थों के उपयोग से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित 18 में से केवल एक महिला को ही उपचार मिल पाता है, जबकि सात में से एक पुरुष को ही उपचार मिल पाता है।

भारत के विषय में तथ्य  –

  •  नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के आंकड़ों के अनुसार, देश में इस समय करीब 10 करोड़ लोग विभिन्न नशीले पदार्थों के आदी हैं।
  • गृह मंत्रालय के अनुसार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब वर्ष 2019 और 2021 के बीच तीन सालों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS एक्ट) के तहत दर्ज सबसे अधिक FIR वाले शीर्ष तीन राज्य हैं।

 

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