July 2, 2026

भारत का संवैधानिक विकास | bharat ka samvaidhanik vikas

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bharat ka samvaidhanik vikas in hindi | Constitutional Development of India

bharat ka samvaidhanik vikas in hindi | Constitutional Development of India

bharat ka samvaidhanik vikas in hindi | Constitutional Development of India in Hindi

भारत के संवैधानिक विकास में यह विश्लेषण किया जाता है कि भारत का संविधान अतीत से लेकर वर्तमान तक किस प्रकार विकसित हुआ है। यहाँ पर ब्रिटिश भारत में 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट से लेकर भारत का संविधान बनने तक के सफ़र का विश्लेषण करके उसको समझने का प्रयास किया जाता है। bharat ka samvaidhanik vikas 

भारत लम्बे समय तक ब्रिटिश उपनिवेश बना रहा है।  इसलिए इसके संविधान के विकास की जड़े भी ब्रिटिश भारत के इतिहास से ही प्रभावित है। ब्रिटिश सरकार ने भारत में अपने शासन को मजबूत करने के लिए  1773 से लेकर भारत की स्वतंत्रता तक अनेक अधिनियम पारित किये। ये सभी अधिनियम ब्रिटिश सरकार की महत्वकांक्षाओ को पूरा करने के लिए ही थे न कि भारतीयों के उत्थान के लिए। 

भारत में ऐतिहासिक ब्रिटिश संवैधानिक प्रयोगों की अवधि को दो चरणों में विभाजित किया जा सकता है –

  • चरण 1-      ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल के दौरान संवैधानिक प्रयोग (1773-1857)
  • चरण 2 –     ब्रिटिश क्राउन के तहत संवैधानिक प्रयोग (1857-1947)

नीचे प्रत्येक अधिनियम पर क्लिक करके उसे विस्तार से पढ़े – bharat ka samvaidhanik vikas –

 

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