कुछ भारतीयों को मैडल से ज्यादा पीवी सिंधू की जाति जानने में रुचि, क्यों ? ” PV Sindhu Caste ” this keyword is being searched many times in Google

 

 

PV Sindhu Caste

 

 

गूगल में PV Sindhu Caste Keyword बहुत अधिक सर्च किया गया हैं | 

 

 

PV Sindu Caste ये वो keyword है, जो कुछ दिनों से बहुत ज्यादा सर्च किया जा रहा हैं। जहाँ पीवी सिंधू देश का नाम रोशन करके, वर्षो की मेहनत से देश के लिए मैडल जीत रही थी। वही दूसरी ओर भारत मे कुछ लोग पीवी सिंधू की जाति खोजने में लगे थे। आख़िर क्या मानसिकता हो सकती है इन लोगों की यह तो सभी जानते हैं। परंतु सवाल ये उठता है कि इन लोगो के लिए मैडल जरूरी है या किसी खिलाड़ी की जाति के बारे में जानना। गूगल डेटा के अनुसार जब पीवी सिंधु मैडल की तरफ़ बढ़ रही थी तभी से pv sindhu caste keyword बहुत ज्यादा सर्च किया जाने लगा था।

 

 

 

PV Sindhu Caste Keyword इन राज्यो में किया गया सबसे ज्यादा सर्च 

 

 

पीवी सिंधु की जाति सर्च करने में पहले नंबर पर आंध्रप्रदेश, दूसरे नंबर पर झारखंड, तीसरे पर तेलंगाना, चौथे पर उत्तर प्रदेश और पांचवे नंबर पर बिहार है।

एक अगस्त को पीवी सिंधु की जाति सर्च में 700 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है। परंतु यहाँ बताना चाहेंगे कि ये पहली बार नहीं हुआ हैं। बल्कि 2016 से जब पीवी सिंधू ने रियो समर ओलंपिक में मैडल जीता था तब से ही ये pv sindhu caste keyword सर्च किया जा रहा हैं।

 

 

आख़िर PV Sindhu caste Keyword इतना सर्च होने के क्या कारण हैं

 

अब सवाल ये उठता है कि जहाँ एक ओर बड़े-बड़े मंचो पर जाति उन्मुलन का नारा देकर समाज मे सामंजस्य की बात की जाती हैं। वही दूसरी ओर ऐसे keyword सर्च होते रहते है जो ये सोचने में मजबूर करते है कि क्या वाक़ई समाज मे जाति की जड़े इतनी मजबूत हैं । जिन्हें आसानी से कमजोर नहीं किया जा सकता हैं। यही सत्य भी हैं। ये पहली बार या किसी पहले खिलाड़ी के साथ नहीं हैं बल्कि पहले भी अनेक खिलाड़ियों की जाति से संबंधित ऐसे ही कीवर्ड सर्च होते रहे हैं।

ये केवल किसी विशेष खिलाड़ी ही नहीं बल्कि नेता, अभिनेता, खिलाड़ी आदि सभी की जाति जानने के keyword गूगल में सर्च किये जाते रहे हैं।

हम आमतौर पर देखते भी है कि अनेक जाति से सम्बंधित पेज सोशल साइट्स पर देखने को मिल ही जाते हैं। जहाँ नेता, अभिनेता, खिलाड़ी आदि के नाम के साथ जाति लिखकर समय-समय पर बधाईया संदेश दिए जाते हैं। अब तो किसी परीक्षा में पास होने वाले विधार्थियो की जाति के अनुसार  नाम जाति आधारित सोशल मीडिया पेज पर तेजी से वायरल होने लगते हैं।

 

Pv sindhu caste keyword सर्च होने में कुछ का दोष नहीं बल्कि सम्पूर्ण सामाजिक व्यवस्था का दोष 

 

 

इसमे किसी एक इंसान को या कुछ व्यक्तियों को दोष देना गलत हैं। क्योंकि वो भी कही बाहर से नहीं बल्कि इसी समाज से ये सब सीखते हैं। सामाजिक क्रियाएं सभी व्यक्तियों को प्रभावित करती हैं।
इसके पीछे अगर कारणों पर चर्चा करेंगे तो अनेक कारण नज़र आएंगे। परंतु जो सबसे अधिक अहम कारण है वो है हमारी मानसिकता। आज भी जाति आधारित राजनीति भारत मे विशेष स्थान रखती हैं। भारत में जाति पर अनेक नेता जीतकर संसद और विधान सभाओं में जाते हैं। फिर उन नेताओं की भी प्राथमिकता यही रहती है कि अपनी जाति को खुश रखने के लिए कुछ ऐसा किया जाए जिससे वो हमेशा उनका साथ देकर  उन्हें संसद या विधानसभा का रास्ता दिखाते रहे। यहाँ से इसकी जड़ें ओर गहरी होती जाती हैं।

अगर समाज विकास के नाम पर, शिक्षा के नाम पर, गरीबी उन्मूलन आदि मुद्दे पर वोट न करके जाति के नाम पर वोट करता हैं। तो pv sindhu caste जैसे keyword सर्च होने पर इतना आश्चर्य होने वाली बात नही लगनी चाहिए। क्योंकि खाते,पीते, सोते, जागते, वोट देते समय, हम एक यही तो चीज़ है जो सबसे ज़्यादा याद रखते हैं, वो हैं जाति।

बहुत से लोग जाति की खूबियां गिनवाते मिल जाएंगे। परंतु सही ये होगा कि अगर हम प्रत्येक वस्तु या तथ्य की विशेषताओं के साथ साथ कमियों को भी जान ले, तो ये देश, समाज के लिए सही रहता हैं। जिस प्रकार यदि हम कोई पदार्थ का प्रयोग करते है तो हम उसके फायदों और नुकसान को जानना चाहते हैं। इसी तरह सही रहेगा की अगर हम सामाजिक समूहों, सामाजिक संस्थाओं आदि के फायदे के साथ-साथ कभी-कभी नुकसान पर भी सोच विचार कर ले।

यहाँ हमारा मक़सद यही कहना हैं कि हर जगह किसी एक मानसिकता का प्रदर्शन करना अच्छा नहीं होता हैं। बल्कि अच्छा यही होता कि जब पीवी सिंधू मैडल जीत रही थी तो हम ये विचार करते कि कैसे इस देश में ओर पीवी सिन्धु जैसी प्रतिभा को तैयार किया जाए या आगे लाया जाए।  जो भविष्य में भारत को ओर अधिक मैडल जीत कर दे। अच्छा होगा कि जाति आधारित सोशल मीडिया पेज के साथ-साथ व्यक्ति में निहित ऐसे गुणों के आधार पर भी पेज बना दिये जायें जो देश और समाज व खुद  के लिए हितकर हो। इससे मालूम भी चलेगा कि कितने लोग ऐसे गुणों या आदतों को सीखने में रुचि रख रहे है, जिससे देश का और खुद का भला होता हो।

 

 

कौन हैं पीवी सिंधू 

 

पी० वी० सिंधु एक विश्व वरीयता प्राप्त भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं तथा भारत की ओर से ओलम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का रजत पदक व कांस्य पदक जीतने वाली वे पहली महिला  खिलाड़ी हैं।

पूरा नाम : पुसर्ला वेंकेट सिंधु

जन्म : ५ जुलाई १९९५ (हैदराबाद, आंध्र-प्रदेश, भारत)

पिता का नाम : पी० वी० रमण (पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी)

माता का नाम : पी० विजया (पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी)

कोच : पुलेला गोपीचंद

 

पदक अभिलेख 

 

ओलम्पिक खेल :

रजत पदक (Silver Medal) – 2016 रियो ओलम्पिक (महिला एकल)

कांस्य  पदक (Bronze Medal) – २०२१ टोक्यो ओलम्पिक (महिला एकल)

 

विश्व चैंपियनशिप :

स्वर्ण पदक – 2019 बेसल विश्व चैंपियनशिप (महिला एकल)

रजत पदक – 2018 नांजिंग विश्व चैंपियनशिप (महिला एकल)

रजत पदक – 2017 ग्लासगो विश्व चैंपियनशिप (महिला एकल)

कांस्य पदक – 2014 कोपेनहेगेन विश्व चैंपियनशिप (महिला एकल)

कांस्य पदक – 2013 ग्वांगझोऊ विश्व चैंपियनशिप (महिला एकल)

 

उबर कप :

कांस्य पदक – 2014 नई-दिल्ली टीम

कांस्य पदक – 2016 कुंशान टीम

 

एशियाई खेल :

कांस्य पदक – 2014 इंचीऑन (महिला टीम)

 

कॉमनवेल्थ खेल :

कांस्य पदक : 2014 ग्लासगो (महिला एकल)

 

एशिया चैंपियनशिप :

कांस्य पदक : 2014 जिमचीऑन (महिला एकल)

 

दक्षिण एशियाई खेल :

रजत पदक : 2016 गुवाहाटी (महिला एकल)

स्वर्ण पदक : 2016 गुवाहाटी (महिला टीम)

 

एशियाई जूनियर बैडमिंटन चैंपियनशिप :

कांस्य पदक : 2011 लखनऊ (गर्ल्स सिंगल्स)

कांस्य पदक : 2011 लखनऊ (मिश्रित टीम)

स्वर्ण पदक : 2012 गिमचीऑन (गर्ल्स सिंगल्स)

 

कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स:

स्वर्ण पदक : 2011 डगलस (गर्ल्स सिंगल्स)

 

 

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